शाही मुफ्ती ने शादियों में खुले बाल, मेकअप को मुस्लिम महिलाओं के लिए हराम बताया.

अलीगढ़
N
News18•10-01-2026, 13:26
शाही मुफ्ती ने शादियों में खुले बाल, मेकअप को मुस्लिम महिलाओं के लिए हराम बताया.
- •उत्तर प्रदेश के शाही मुफ्ती मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन ने शादियों में बढ़ती अश्लीलता पर चिंता व्यक्त की है.
- •उन्होंने कहा कि शादियों में गैर-महरम पुरुषों और महिलाओं का एक साथ मिलना इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है.
- •इस्लाम महिलाओं के लिए परदा और हिजाब अनिवार्य करता है, कुरान में पुरुषों और महिलाओं दोनों को अपनी निगाहें नीची रखने का आदेश है.
- •खुले बाल, मेकअप और हिजाब के बिना शादी में शामिल होना इस्लाम में नाजायज और हराम माना गया है.
- •अल्लाह के परदा संबंधी आदेशों का उल्लंघन करना गुनाह माना जाता है, जिससे ऐसा करने वाली महिलाएं गुनाह में शामिल होती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शाही मुफ्ती ने खुले बाल और मेकअप के साथ हिजाब के बिना शादी में जाने वाली महिलाओं को गुनाहगार बताया.
✦
More like this
Loading more articles...





