शाहजहांपुर की अनोखी होली: 'लाट साहब' पर बरसते जूते-झाड़ू, जानिए क्यों है यह विद्रोही परंपरा.

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News18•03-03-2026, 11:04
शाहजहांपुर की अनोखी होली: 'लाट साहब' पर बरसते जूते-झाड़ू, जानिए क्यों है यह विद्रोही परंपरा.
- •शाहजहांपुर में होली पर 'लाट साहब' का अनोखा जुलूस निकलता है, जिसमें भैंसा-गाड़ी पर सवार लाट साहब पर जूते-झाड़ू बरसाए जाते हैं.
- •यह परंपरा 1857 के विद्रोह के दौरान ब्रिटिश शासन के खिलाफ सार्वजनिक आक्रोश और अपमान का प्रतीक थी.
- •इतिहासकार डॉ. विकास खुराना के अनुसार, यह दमनकारी नीतियों के खिलाफ एक सांस्कृतिक प्रतिरोध था, जिसने शाहजहांपुर की होली को वैश्विक पहचान दी.
- •जुलूस सांप्रदायिक सद्भाव का उदाहरण है, जहां मस्जिदों को तिरपाल से ढका जाता है ताकि रंग न पड़े और शांति बनी रहे.
- •आज यह आयोजन कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी में एक शांतिपूर्ण विरासत उत्सव है, जो अनुशासन और भाईचारे का संदेश देता है.
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