भोटिया मार्केट की खासियत 
बागेश्वर
N
News1823-01-2026, 19:48

भोटिया मार्केट का 150 साल पुराना कारोबार जारी, उत्तरायणी मेले में बदला स्थान फिर भी रौनक

  • बागेश्वर जिले के उत्तरायणी मेले में भोटिया मार्केट का स्थान बदलने के बावजूद ग्राहकों का उत्साह बरकरार है, यह 150 साल पुराना अनोखा कारोबार है.
  • दरमा, मुनस्यारी, धारचूला और जौहर घाटी के भोटिया व्यापारियों के स्टॉल 500 से 50,000 रुपये तक के पारंपरिक और अनोखे हिमालयी उत्पाद पेश कर रहे हैं.
  • यह बाजार सदियों से उत्तरायणी मेले की पहचान रहा है, जो हिमालयी क्षेत्रों की संस्कृति, परंपरा और आजीविका से गहराई से जुड़ा है.
  • बाजार में जंबू, गड़रियानी, दारुहल्दी, हर्बल मिश्रण और शिलाजीत जैसी जड़ी-बूटियां भी लोकप्रिय हैं, साथ ही हिमालयन शीपडॉग जैसे पशुधन भी मिलते हैं.
  • कोविड-19 के बाद लाभ में कमी आई है, लेकिन पारंपरिक उत्पादों की मांग बनी हुई है; प्रशासन बाजार को व्यवस्थित करने का प्रयास कर रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भोटिया मार्केट उत्तरायणी मेले में अपनी सांस्कृतिक पहचान और अनूठे उत्पादों के साथ जीवंत बना हुआ है.

More like this

Loading more articles...