डुआर्स-तराई चाय बागानों में स्प्रिंकलर सिंचाई की क्रांति: कम पानी, बेहतर चाय

पश्चिम बंगाल
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News18•21-01-2026, 17:21
डुआर्स-तराई चाय बागानों में स्प्रिंकलर सिंचाई की क्रांति: कम पानी, बेहतर चाय
- •डुआर्स और तराई के चाय बागानों में सूखे सर्दियों के मौसम (नवंबर-मार्च) के दौरान स्प्रिंकलर सिंचाई लोकप्रिय हो रही है.
- •यह विधि पानी की बर्बादी को प्रभावी ढंग से रोकती है, पौधों पर पानी के तनाव को कम करती है और समान सिंचाई सुनिश्चित करती है.
- •यह कम पानी के साथ बड़े क्षेत्रों की सिंचाई की अनुमति देती है, बारिश की तरह छिड़काव करके मिट्टी में नमी बनाए रखती है.
- •स्प्रिंकलर सिंचाई छोटे पौधों से लेकर परिपक्व पौधों तक सभी प्रकार के चाय पौधों को लाभ पहुंचाती है, ताजगी और अच्छी फ्लश सुनिश्चित करती है.
- •यह विधि चाय की पत्तियों की गुणवत्ता और स्वाद में सुधार करती है, साथ ही श्रम और समय की बचत करती है, जिससे यह सर्दियों का एक विश्वसनीय समाधान बन जाती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: स्प्रिंकलर सिंचाई डुआर्स-तराई में चाय की खेती को बदल रही है, कम पानी से उच्च गुणवत्ता वाली पत्तियां सुनिश्चित कर रही है.
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