गंगा से वोल्गा तक: भारत-रूस साझेदारी नई विश्व व्यवस्था को आकार दे रही है.

ओपिनियन
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News18•19-12-2025, 18:46
गंगा से वोल्गा तक: भारत-रूस साझेदारी नई विश्व व्यवस्था को आकार दे रही है.
- •रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिसंबर 2025 की भारत यात्रा नई विश्व व्यवस्था को आकार देने वाली एक महत्वपूर्ण साझेदारी को दर्शाती है.
- •भारत यूक्रेन संघर्ष पर पश्चिमी दबाव को अस्वीकार करते हुए अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखता है, इसे एक यूरोपीय मुद्दा मानता है.
- •यात्रा के दौरान रक्षा, व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी में 16 समझौते हुए, जिसका लक्ष्य 2030 तक $100 बिलियन का व्यापार है.
- •दोनों देश डी-डॉलरकरण, राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों की अंतरसंचालनीयता और रक्षा व ऊर्जा में संयुक्त विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं.
- •भारत और रूस एक बहुध्रुवीय विश्व की कल्पना करते हैं, जिसमें भारत एक प्रमुख स्तंभ के रूप में पश्चिमी प्रभुत्व को चुनौती दे रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत और रूस अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं, पश्चिमी प्रभुत्व को चुनौती देते हुए एक बहुध्रुवीय विश्व को आकार दे रहे हैं.
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