खाड़ी संकट के बीच भारत को अपने ऊर्जा क्षेत्र में तत्काल सुधार की आवश्यकता है.
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खाड़ी संकट: भारत को ऊर्जा क्षेत्र में तत्काल सुधार की जरूरत है.
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Firstpost•20-03-2026, 17:29
खाड़ी संकट: भारत को ऊर्जा क्षेत्र में तत्काल सुधार की जरूरत है.
•भारत की कच्चे तेल पर अत्यधिक निर्भरता (87-89%) वैश्विक अस्थिरता के बीच इसकी भेद्यता को उजागर करती है, भले ही यह एक प्रमुख रिफाइनर है.
•दशकों की नीतिगत निष्क्रियता, भूवैज्ञानिक अल्प-प्रदर्शन और सुधारों को अपनाने में हिचकिचाहट के कारण बढ़ती मांग के बावजूद घरेलू तेल उत्पादन स्थिर रहा है.
•प्रतिबंधात्मक नीतियां, जटिल संविदात्मक ढांचे और अपर्याप्त प्रोत्साहन भारत के कम खोजे गए तलछटी बेसिनों में विदेशी निवेश को रोकते हैं.
•घरेलू अन्वेषण, विदेशी संपत्ति अधिग्रहण और ऊर्जा विविधीकरण की चीन की बहु-आयामी रणनीति भारत के लिए एक मॉडल प्रस्तुत करती है.
•तत्काल सुधारों में अपस्ट्रीम क्षेत्र को उदार बनाना, आक्रामक अन्वेषण, विदेशी भागीदारी को प्रोत्साहित करना, विदेशी संपत्ति का अधिग्रहण करना, प्राकृतिक गैस को प्राथमिकता देना और वैकल्पिक ऊर्जा संक्रमण में तेजी लाना शामिल है.