भारत की संतुलन कूटनीति: पश्चिम एशिया संकट को दूसरों से बेहतर ढंग से कैसे संभालती है
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भारत की कूटनीति ने पश्चिम एशिया संकट को उत्कृष्ट कौशल से संभाला
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Firstpost•17-03-2026, 12:33
भारत की कूटनीति ने पश्चिम एशिया संकट को उत्कृष्ट कौशल से संभाला
•पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की कूटनीति ने फारस की खाड़ी युद्ध के वैश्विक प्रभावों को कुशलता से संभाला है, जिससे अन्य देशों में देखी गई घबराहट से बचा जा सका है.
•मोदी सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की और पश्चिमी दबाव के बावजूद रियायती रूसी तेल खरीदना जारी रखा, जो एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत है.
•रूसी तेल खरीद पर ट्रंप के दंडात्मक शुल्कों के प्रति पीएम मोदी के निष्क्रिय कूटनीतिक प्रतिरोध के कारण अंततः अमेरिका ने भारत की ऊर्जा बाजार को स्थिर करने में भूमिका को स्वीकार किया.
•भारत ने इजरायल और ईरान दोनों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखे, 'सबके साथ दोस्ती, किसी से दुश्मनी नहीं' का दृष्टिकोण प्रदर्शित किया, यहां तक कि अमेरिकी नौसेना के हमले के बाद ईरानी नाविकों को भी आश्रय दिया.
•भारतीय कूटनीति ने फारस की खाड़ी में लाखों भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और ऊर्जा आयात सुरक्षित किया, जिससे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बीच सावधानीपूर्वक स्पष्टीकरण और योजना का प्रदर्शन हुआ.