A mourner holds Bangladesh's national flag during the funeral of youth leader Sharif Osman Hadi in Dhaka on December 20. (AFP)
समाचार
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Firstpost08-01-2026, 19:04

बांग्लादेश में हादी हत्याकांड: डीपफेक और ISI ने भारत विरोधी नैरेटिव को हवा दी.

  • दिसंबर 2025 में उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारत को झूठा दोषी ठहराने वाला दुष्प्रचार अभियान चला, जिससे द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण हुए.
  • पाकिस्तान की ISI और जमात-ए-इस्लामी जैसे इस्लामी समूहों ने इस अपराध का फायदा उठाया, हत्यारों को भारत में शरण देने का आरोप लगाने के लिए डीपफेक सबूत प्रसारित किए.
  • भारतीय अधिकारियों द्वारा अपनी धरती पर किसी भी संदिग्ध के होने से इनकार करने के बावजूद, बांग्लादेश के अंतरिम प्रशासन और विदेश मंत्रालय ने इन दावों को बढ़ावा दिया.
  • इस झूठे नैरेटिव के कारण हिंदू समुदायों के खिलाफ हिंसा और भारतीय राजनयिक मिशनों पर हमले बढ़े.
  • मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद ने बाद में "भारत भागने" के सिद्धांत को खारिज कर दिया, यह खुलासा करते हुए कि वह दुबई भाग गया था, जिससे समन्वित प्रभाव अभियान का पर्दाफाश हुआ.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दुष्प्रचार और डीपफेक, भू-राजनीतिक हितों से प्रेरित होकर, राष्ट्रों को अस्थिर कर सकते हैं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़का सकते हैं.

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