पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का नेतृत्व भारत क्यों करे
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भारत को पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का नेतृत्व करना चाहिए: US-ईरान संघर्ष
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Firstpost•20-03-2026, 13:26
भारत को पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का नेतृत्व करना चाहिए: US-ईरान संघर्ष
•अमेरिका-इजरायल गठबंधन ईरान के खिलाफ एक तीव्र सैन्य अभियान में लगा हुआ है, जो जून 2025 में 12-दिवसीय युद्ध के बाद फरवरी 2026 में शुरू हुए संघर्ष को बढ़ा रहा है.
•तीन रणनीतिक परिदृश्य माने गए हैं: 'बूत्स ऑन द ग्राउंड' (विनाशकारी), सैन्य दबाव कम करना (असंभव, ईरान को सशक्त करेगा), और लगातार बमबारी (सबसे संभावित, वैश्विक अस्थिरता का जोखिम).
•राष्ट्रपति ट्रंप का प्रशासन कहता है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए "सभी विकल्प खुले हैं", लेकिन उन्होंने परमाणु हथियारों के उपयोग का सार्वजनिक रूप से संकेत नहीं दिया है, बल्कि पारंपरिक बल पर ध्यान केंद्रित किया है.
•ईरान ने युद्धविराम वार्ता को खारिज कर दिया है, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खुद का बचाव करने की तैयारी बताई है, जबकि आईआरजीसी ने इजरायली पीएम नेतन्याहू के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है.
•भारत का इस संघर्ष को समाप्त करने में महत्वपूर्ण हित है क्योंकि यह उसकी ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और खाड़ी में प्रवासी भारतीयों के लिए खतरा है, जिससे एक सक्रिय राजनयिक भूमिका आवश्यक हो जाती है.