भारत की ऊर्जा संप्रभुता के लिए विविधीकरण और सुदृढ़ योजना आवश्यक
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भारत की ऊर्जा सुरक्षा: भू-राजनीतिक झटकों के बीच विविधीकरण और लचीली योजना महत्वपूर्ण
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Firstpost•20-03-2026, 17:16
भारत की ऊर्जा सुरक्षा: भू-राजनीतिक झटकों के बीच विविधीकरण और लचीली योजना महत्वपूर्ण
•भारत की उच्च तेल आयात निर्भरता (88-89%) इसे रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान संघर्ष जैसे भू-राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील बनाती है.
•विविधीकरण, बफर, घरेलू क्षमता और स्मार्ट विनियमन के माध्यम से लचीलापन बनाने के लिए एक नई रणनीति की आवश्यकता है.
•कच्चे तेल की मांग बढ़ रही है जबकि घरेलू उत्पादन स्थिर है, जिससे आयात निर्भरता बढ़ रही है; पेट्रोलियम उत्पादों में आत्मनिर्भरता केवल 11-12% है.
•रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता काफी बढ़ गई, जिससे एकाग्रता जोखिम और प्रतिबंधों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी.
•मुख्य रणनीतियों में गहरी बफर क्षमता (एसपीआर विस्तार), लॉजिस्टिक्स जोखिम प्रबंधन, आपूर्तिकर्ता विविधीकरण (एक स्रोत से 25% से अधिक नहीं), नवीकरणीय ऊर्जा की ओर ऊर्जा मिश्रण में बदलाव और ई एंड पी अनुबंधों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है.