भारतीय नौसेना ओमान के समुद्री हितों की रक्षा करे, चीन के आक्रामक रवैये से व्यापार सुरक्षित करे.

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Firstpost•28-12-2025, 16:50
भारतीय नौसेना ओमान के समुद्री हितों की रक्षा करे, चीन के आक्रामक रवैये से व्यापार सुरक्षित करे.
- •प्रधानमंत्री मोदी की ओमान यात्रा ने भारत-ओमान संबंधों को मजबूत किया, जिससे व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता हुआ, जो व्यापार और निवेश के लिए महत्वपूर्ण है.
- •ओमान की तटस्थता और रणनीतिक स्थिति इसे एक प्रमुख भागीदार बनाती है, लेकिन चीन की अवैध मछली पकड़ने और पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने से इसके समुद्री हित खतरे में हैं.
- •चीनी मछली पकड़ने वाले बेड़े ओमान के जलक्षेत्र का उल्लंघन करते हैं, अस्थिर तरीके से काम करते हैं और औद्योगिक पैमाने पर पकड़ी गई मछलियों को मदरशिप में स्थानांतरित करते हैं.
- •भारतीय नौसेना को चीनी मछली पकड़ने वाले बेड़ों की सक्रिय रूप से निगरानी करनी चाहिए, ड्रोन और कैमरों का उपयोग करके उनकी अवैध गतिविधियों को उजागर करना चाहिए.
- •भारत को ओमान और यमन के साथ तटरक्षक साझेदारी का विस्तार करना चाहिए ताकि हथियारों की तस्करी का मुकाबला किया जा सके और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की नौसेना शक्ति ओमान के समुद्री हितों की रक्षा, चीन का मुकाबला और क्षेत्रीय व्यापार स्थिरता के लिए आवश्यक है.
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