ईरान के पतन पर भारत को हथियार तस्करी में वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए
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ईरान का पतन: भारत को हथियारों की तस्करी में वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए, ऊर्जा संकट के लिए नहीं.
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Firstpost•20-03-2026, 11:56
ईरान का पतन: भारत को हथियारों की तस्करी में वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए, ऊर्जा संकट के लिए नहीं.
•ईरान के संभावित पतन से भारत के लिए प्राथमिक खतरा उच्च ऊर्जा कीमतें या शरणार्थी नहीं, बल्कि चरमपंथियों के हाथों में ढीले हथियार गिरना है.
•दशकों के कुप्रबंधन और प्रतिबंधों ने ईरान को पर्याप्त पेट्रोल और डीजल परिष्कृत करने में असमर्थ बना दिया है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से आयात पर निर्भर है.
•यदि इस्लामिक गणराज्य का पतन होता है, तो ईरान के 31 प्रांतों में हथियार डिपो गार्ड्समैन या प्रतिद्वंद्वी समूहों द्वारा लूटे जा सकते हैं, जिससे काला बाजार हथियारों से भर जाएगा.
•इराक में अल-काका और लीबिया के हथियार डिपो जैसे ऐतिहासिक उदाहरण असुरक्षित हथियारों के क्षेत्रीय अस्थिरता और विद्रोह को बढ़ावा देने के खतरे को दर्शाते हैं.
•ढीले हथियार पाकिस्तान में बाढ़ ला सकते हैं, संभावित रूप से कश्मीर और खालिस्तान जैसे भारत-विरोधी चरमपंथी समूहों या यहां तक कि भारत के भीतर आपराधिक तत्वों को हथियार दे सकते हैं.