यमन में सऊदी-यूएई दरार से क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा बढ़ा.

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Firstpost•05-01-2026, 15:41
यमन में सऊदी-यूएई दरार से क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा बढ़ा.
- •एक दशक पहले हوثियों के खिलाफ मिलकर लड़ने के बाद, सऊदी अरब और यूएई अब यमन को लेकर आमने-सामने हैं, खासकर यूएई समर्थित दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद (STC) के मुद्दे पर.
- •दक्षिणी यमन की स्वतंत्रता की वकालत करने वाले STC ने हद्रामौत जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है, जो तेल/गैस संसाधनों और सऊदी अरब के साथ एक महत्वपूर्ण सीमा पार करने वाला आर्थिक केंद्र है.
- •सऊदी अरब STC के स्वतंत्रता के प्रयास को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा मानता है, यमन की क्षेत्रीय अखंडता और बातचीत से समाधान पर जोर देता है.
- •हालिया झड़पों में हद्रामौत में STC ठिकानों पर सऊदी हवाई हमले और यूएई द्वारा सैनिकों की वापसी की घोषणा शामिल है, जो पूर्व सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है.
- •गहराता मतभेद व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष के डर को बढ़ाता है, वैश्विक शिपिंग लेन, ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालता है, और ईरान समर्थित हوثियों को संभावित रूप से सशक्त कर सकता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यमन में सऊदी-यूएई दरार से व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा है, विभाजन के बजाय संवाद की आवश्यकता है.
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