By repealing the restrictive Atomic Energy Act, 1962 and the Civil Liability for Nuclear Damage Act, 2010, the SHANTI Bill removes longstanding barriers that constrained private and foreign participation.  (Representative Image)
ओपिनियन
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News1818-12-2025, 15:13

SHANTI Bill: मोदी सरकार के 100 GW परमाणु ऊर्जा लक्ष्य की कुंजी.

  • लोकसभा में पारित SHANTI Bill, 2025, 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है, जो विकसित भारत के दृष्टिकोण का एक आधारशिला है.
  • यह प्रतिबंधात्मक परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962, और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010, को निरस्त करता है, जिससे भारत के परमाणु क्षेत्र में निजी और विदेशी भागीदारी के लिए बाधाएं दूर होती हैं.
  • यह विधेयक एक आधुनिक नियामक व्यवस्था स्थापित करता है, जो निजी कंपनियों और संयुक्त उद्यमों को परमाणु सुविधाएं बनाने और संचालित करने की अनुमति देता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप दायित्व ढांचे में सुधार करता है, ऑपरेटर दायित्व को सीमित करता है और आपूर्तिकर्ता दायित्व को उचित रूप से निर्देशित करता है.
  • इस विधायी सुधार से छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) और भारत छोटे रिएक्टर (BSRs) की तैनाती में तेजी आने, पूंजी आकर्षित करने, विदेशी सहयोग को बढ़ावा देने और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन का समर्थन करने की उम्मीद है.
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी के साथ परमाणु ऊर्जा को एक राष्ट्रीय मिशन में बदलकर, SHANTI Bill का लक्ष्य भारत के भविष्य के लिए ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और जलवायु नेतृत्व सुनिश्चित करना है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: SHANTI Bill भारत के परमाणु ऊर्जा परिदृश्य को बदलता है, जिससे 2047 तक 100 GW का लक्ष्य प्राप्त करना संभव हो जाता है.

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