SHANTI बिल पर विपक्ष चिंतित: परमाणु सुरक्षा, संप्रभुता, और जवाबदेही पर सवाल.

भारत
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Moneycontrol•18-12-2025, 18:44
SHANTI बिल पर विपक्ष चिंतित: परमाणु सुरक्षा, संप्रभुता, और जवाबदेही पर सवाल.
- •राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने SHANTI बिल पर चिंता जताई, कहा यह भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने का खतरनाक कदम है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और संप्रभुता खतरे में है.
- •आलोचकों का तर्क है कि बिल देयता प्रावधानों को कमजोर करता है, रिएक्टर आपूर्तिकर्ताओं को बचाता है और दुर्घटनाओं का वित्तीय बोझ राज्य और पीड़ितों पर डालता है, जिसे "लाभ का निजीकरण, देयता का समाजीकरण" कहा गया.
- •तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष और DMK के पी. विल्सन ने कमजोर सुरक्षा और संवेदनशील परमाणु संचालन को लाभ-उन्मुख निजी संस्थाओं को सौंपने पर आशंका व्यक्त की.
- •सांसदों ने निजी-नेतृत्व वाले मॉडल की ओर भारत के कदम पर सवाल उठाया, यह देखते हुए कि फ्रांस, चीन, रूस जैसे प्रमुख परमाणु शक्तियां राज्य नियंत्रण पर निर्भर करती हैं.
- •सरकार ने बिल का बचाव करते हुए कहा कि यह कानून को आधुनिक बनाने और 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है, क्योंकि सार्वजनिक पूंजी पर्याप्त नहीं है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: SHANTI बिल निजी परमाणु ऊर्जा, सुरक्षा और जवाबदेही पर गहन बहस छेड़ता है.
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