सोमनाथ का 1000 साल का इतिहास: महमूद गजनवी की विरासत और आधुनिक बहस.

ओपिनियन
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News18•07-01-2026, 15:43
सोमनाथ का 1000 साल का इतिहास: महमूद गजनवी की विरासत और आधुनिक बहस.
- •महमूद गजनवी का 1026 में सोमनाथ पर हमला, भारत पर उसका 16वां आक्रमण, केवल लूट के लिए नहीं था बल्कि उसे "बुतशिकन" (मूर्ति-भंजक) का खिताब मिला.
- •लेख आधुनिक व्याख्याओं को चुनौती देता है जो महमूद के सांप्रदायिक इरादे को कम आंकते हैं, ऐतिहासिक खातों और मंदिर के बार-बार विनाश का हवाला देते हुए.
- •250 साल बाद के वेरावल शिलालेख हिंदू-मुस्लिम संबंधों की जटिलता दर्शाते हैं, लेकिन सोमनाथ के इस्लामीकरण के मुस्लिम इरादे को भी उजागर करते हैं.
- •अलाउद्दीन खिलजी और औरंगजेब द्वारा बाद के विनाश, अमीर खुसरो जैसे शख्सियतों द्वारा खुशी से दर्ज किए गए, ज्योतिर्लिंग के प्रति धार्मिक शत्रुता के पैटर्न की पुष्टि करते हैं.
- •सरदार पटेल और अन्य द्वारा 1951 में विरोध के बावजूद सोमनाथ का बार-बार पुनर्निर्माण, हिंदू लचीलेपन और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सोमनाथ का इतिहास धार्मिक संघर्ष, लचीलेपन और ऐतिहासिक आख्यानों पर चल रही बहसों के एक सहस्राब्दी को दर्शाता है.
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