बांग्लादेश: यूनुस शासन की भीड़तंत्र ने अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को हथियार बनाया.

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Firstpost•03-01-2026, 17:02
बांग्लादेश: यूनुस शासन की भीड़तंत्र ने अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को हथियार बनाया.
- •अगस्त 2024 से बांग्लादेश में यूनुस शासन पर भीड़तंत्र का उपयोग कर अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर अत्याचार करने का आरोप है.
- •दीपु चंद्र दास, एक हिंदू कपड़ा श्रमिक, को झूठे ईशनिंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाला गया और उनके शरीर को जला दिया गया, राज्य ने हस्तक्षेप नहीं किया.
- •अगस्त 2024 के बाद से, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2,000 से अधिक हिंसक घटनाएँ हुईं, जिनमें मौतें, बलात्कार, घरों, व्यवसायों और मंदिरों का विनाश शामिल है.
- •शासन ने इन अत्याचारों को "राजनीतिक विवाद" या "भारतीय फर्जी खबर" कहकर इनकार किया, जिससे अपराधियों को बढ़ावा मिला और चरमपंथी तत्वों को बल मिला.
- •नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस पर भीड़ को उकसाने और अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का उपयोग कर जांच से बचने का आरोप है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा हो रही है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बांग्लादेश का यूनुस शासन भीड़तंत्र और इनकार का उपयोग कर अल्पसंख्यकों को सता रहा है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ रही है.
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