आमडाढ़ी का पेड़ा सिवान, गोपालगंज और उत्तर प्रदेश तक अपनी पहचान बना चुका है. यहां केवल यही मिठाई मिलती है. यहां एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों दुकानें मौजूद हैं. एक दुकान पर प्रतिदिन एक क्विंटल से अधिक दूध से पेड़ा तैयार किया जाता है, जो शाम तक पूरी तरह बिक जाता है.
छपरा
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News1805-01-2026, 18:32

छपरा का अमदाधी पेड़ा: 50 साल से बरकरार स्वाद, दुबई तक है डिमांड.

  • छपरा के अमदाधी का पेड़ा और कलाकंद 50 सालों से अपने शुद्ध और पारंपरिक स्वाद के लिए प्रसिद्ध है.
  • ग्रामीण क्षेत्रों से लाए गए दूध को कोयले की आंच पर पकाकर, कम चीनी और किशमिश, इलायची जैसे विशेष सामग्री से मिठाइयां बनती हैं.
  • अमदाधी ढाला में दर्जनों दुकानें प्रतिदिन एक क्विंटल से अधिक पेड़ा बनाती हैं, जो शाम तक पूरी तरह बिक जाता है.
  • सीवान, गोपालगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश और दुबई तक के लोग इन शुद्ध मिठाइयों को खरीदने आते हैं.
  • पेड़ा 360 रुपये/किलो (10 रुपये/पीस) और कलाकंद 400 रुपये/किलो में बिकता है, दूसरी पीढ़ी के दुकानदार शुद्धता और स्वच्छता पर जोर देते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अमदाधी का 50 साल पुराना पेड़ा और कलाकंद शुद्धता और कम चीनी के स्वाद के लिए दूर-दूर तक मशहूर है.

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