बिहार का 235 साल पुराना गोलघर: अकाल के समाधान से पर्यटन केंद्र तक का सफर.

इतिहास
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News18•13-01-2026, 13:22
बिहार का 235 साल पुराना गोलघर: अकाल के समाधान से पर्यटन केंद्र तक का सफर.
- •पटना में स्थित गोलघर का निर्माण 1786 में 1770 के अकाल के बाद अनाज भंडारण के लिए किया गया था.
- •तत्कालीन गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा कमीशन किया गया और कैप्टन जॉन गारस्टिन द्वारा डिज़ाइन किया गया, इसमें एक अद्वितीय मधुमक्खी के छत्ते/स्तूप जैसी संरचना है.
- •अपनी भव्य डिज़ाइन के बावजूद, अंदर की ओर खुलने वाले दरवाजों और खराब वेंटिलेशन जैसी तकनीकी खामियों के कारण इसे अनाज भंडारण के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सका.
- •29 मीटर ऊँचा यह स्मारक, जिसकी दीवारें 3.6 मीटर मोटी हैं, अपनी 145 सीढ़ियों से पटना का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है.
- •1979 में राज्य संरक्षित स्मारक घोषित, गोलघर अब एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल और पिकनिक स्पॉट है, जो अपनी ध्वनिकी और लेजर शो के लिए जाना जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पटना का ऐतिहासिक गोलघर, एक त्रुटिपूर्ण अकाल समाधान से एक प्रमुख पर्यटन स्थल में बदल गया है.
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