सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान और लचीलेपन का प्रतीक.

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News18•10-01-2026, 08:45
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान और लचीलेपन का प्रतीक.
- •सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सोमनाथ मंदिर की हजार साल पुरानी विरासत का जश्न मनाता है, जो भारत के सांस्कृतिक गौरव और लचीलेपन का प्रतीक है.
- •प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उत्सव को भारत की प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने और अपनी विरासत को संरक्षित करने की क्षमता के प्रति श्रद्धांजलि बताया.
- •यह त्योहार आक्रमणों के बाद मंदिर के बार-बार के पुनर्निर्माण का स्मरण कराता है, जो राष्ट्र की आध्यात्मिक शक्ति और दृढ़ संकल्प को उजागर करता है.
- •इसका उद्देश्य युवा पीढ़ियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से फिर से जोड़ना है, ताकि लचीलेपन की विरासत आगे बढ़ती रहे.
- •इस पर्व में ओंकार मंत्र जाप, मंदिर में दर्शन, सांस्कृतिक प्रदर्शन और शौर्य यात्रा जैसे भव्य अनुष्ठान शामिल हैं, जो वीरता और एकता का प्रतीक हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक है, जो लचीलेपन, विरासत संरक्षण और राष्ट्रीय गौरव को दर्शाता है.
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