वहीं इस क्षेत्र में और भी आगे बढ़ने की उम्मीद है.जब हड़िया दारु बेचने का काम करते थे, वह काम करने में ठीक भी नहीं लगता था लेकिन मजबूरी वश करते थे और काफी मुसीबतो का भी सामना करना पड़ता था .लेकिन इस योजना से जुड़ने के बाद जिंदगी में काफी बदलाव आ रही है.
गुमला
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News1825-01-2026, 21:33

फूलो-झानो आशीर्वाद योजना ने बदली हेमावती की जिंदगी: शराब छोड़ खेती से बनीं आत्मनिर्भर

  • हेमावती कुमारी, जो पहले देसी शराब बेचती थीं, ने सरकार की फूलो-झानो आशीर्वाद योजना के माध्यम से अपना जीवन बदल लिया.
  • वह चांदनी आजीविका सखी मंडल और टर्बुल आजीविका ग्राम संगठन से जुड़ीं, जहाँ उन्होंने सम्मानजनक आजीविका के माध्यम से स्थायी आय अर्जित करना सीखा.
  • हेमावती को नामकुम, रांची में आईसीएआर से लाख की खेती के लिए प्रशिक्षण मिला, साथ ही एक टूलकिट और 5 किलोग्राम लाख के बीज भी मिले.
  • उन्हें ओरेकल परियोजना के माध्यम से 50 किलोग्राम आलू के बीज भी मिले, जिससे वह लाख और आलू दोनों की खेती कर सकीं.
  • अब, हेमावती सफलतापूर्वक खेती करती हैं, जिससे उन्हें काफी अधिक आय होती है और वह सम्मान के साथ एक स्वतंत्र जीवन जी रही हैं, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: फूलो-झानो आशीर्वाद योजना ने हेमावती को शराब बेचने से लाभदायक खेती की ओर बढ़ने में सशक्त बनाया.

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