৬০/৬০ নিয়ম মেনে চলুন! (Representative Image: AI Generated) কানের স্বাস্থ্যের আরেকটি উপেক্ষিত দিক হল সংক্রমণের ঝুঁকি। দীর্ঘ সময় ইয়ারবাড ব্যবহার করলে কানের ভেতরে তাপ ও আর্দ্রতা জমে থাকে, যা ব্যাকটেরিয়া ও ফাঙ্গাস বৃদ্ধির অনুকূল পরিবেশ তৈরি করে। এর ফলে কানে ময়লা জমা, জ্বালা, কান বন্ধ হয়ে যাওয়া এবং বারবার কানের সংক্রমণ হতে পারে, যা শ্রবণ ক্ষমতাকে আরও দুর্বল করে তোলে। 
जीवनशैली
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News1803-01-2026, 15:38

ईयरबड्स का खतरा: 60/60 नियम से बचाएं अपनी सुनने की शक्ति.

  • लंबे समय तक तेज आवाज में ईयरबड्स का उपयोग नाजुक 'हेयर सेल्स' को नुकसान पहुंचाकर स्थायी बहरेपन और टिनिटस का कारण बन सकता है.
  • ईयरबड्स सीधे कान के परदे तक ध्वनि पहुंचाते हैं, जिससे वे तेज आवाज में सामान्य स्पीकर से अधिक हानिकारक होते हैं.
  • अत्यधिक ईयरबड उपयोग मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, जिससे तनाव, थकान और एकाग्रता में कमी आती है क्योंकि यह मानसिक आराम को रोकता है.
  • ईयरबड्स से फंसी गर्मी और नमी बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है, जिससे कान में संक्रमण और वैक्स जमा हो सकता है.
  • विशेषज्ञ '60/60 नियम' का पालन करने की सलाह देते हैं: लगातार 60 मिनट से अधिक न सुनें और वॉल्यूम को अधिकतम के 60% से कम रखें.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ईयरबड्स के अत्यधिक उपयोग से बचें और 60/60 नियम का पालन करके अपनी सुनने की शक्ति और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करें.

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