दाल भिगोना: सिर्फ जल्दी पकाने के लिए नहीं, सेहत से भी है गहरा कनेक्शन.

जीवनशैली
N
News18•14-02-2026, 14:41
दाल भिगोना: सिर्फ जल्दी पकाने के लिए नहीं, सेहत से भी है गहरा कनेक्शन.
- •दालों और फलियों को भिगोना सिर्फ जल्दी पकाने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए भी महत्वपूर्ण है.
- •सही तरीके से भिगोने से गैस और अपच जैसी समस्याओं से बचाव होता है.
- •छिलके रहित दालों (मूंग, मसूर, अरहर) को कम से कम 30 मिनट भिगोना चाहिए.
- •चना दाल जैसी कठोर दालों और छिलके वाली दालों को 2-4 घंटे भिगोने की आवश्यकता होती है.
- •साबुत फलियों (साबुत मूंग, साबुत मसूर, साबुत अरहर) को 6-8 घंटे भिगोना चाहिए, जबकि छोले, राजमा और सफेद चने को रात भर भिगोना चाहिए, साथ ही बेहतर पाचन के लिए मसाले भी डालें.
✦
More like this
Loading more articles...





