भारत के शास्त्रीय नृत्य: इतिहास, आध्यात्मिकता और कहानी कहने की एक यात्रा

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News18•28-01-2026, 13:30
भारत के शास्त्रीय नृत्य: इतिहास, आध्यात्मिकता और कहानी कहने की एक यात्रा
- •भारत में आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियाँ हैं, जिनमें से प्रत्येक इतिहास, आध्यात्मिकता और कहानी कहने का एक जीवंत प्रतीक है, जो प्राचीन संस्कृत ग्रंथ नाट्यशास्त्र में निहित है.
- •भरतनाट्यम (तमिलनाडु) सटीक पदचालन और जटिल हस्त मुद्राओं के लिए जाना जाता है, जो अक्सर हिंदू महाकाव्यों को दर्शाता है.
- •कथक (उत्तर प्रदेश) कहानीकारों से विकसित हुआ, जिसमें हिंदू मंदिर परंपराओं को मुगल दरबार सौंदर्यशास्त्र के साथ मिलाया गया.
- •कथकली (केरल) विस्तृत वेशभूषा और चित्रित चेहरों के साथ एक जीवंत नृत्य-नाटक है, जो महाकाव्य कहानियों को चित्रित करता है.
- •ओडिसी (ओडिशा) में तरल चाल और मूर्तिकला जैसी मुद्राएँ होती हैं, जो पारंपरिक रूप से भगवान जगन्नाथ की पूजा के रूप में की जाती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के आठ शास्त्रीय नृत्य रूप प्राचीन परंपराओं और कहानी कहने में निहित विविध, समृद्ध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियाँ हैं.
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