From Assam’s Bagurumba To Mizoram’s Cheraw: Celebrating India’s Lesser-Known Folk Dance Forms
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News1820-01-2026, 18:00

भारत के छिपे हुए नृत्य: बागुरुम्बा से चेराव तक, कम ज्ञात लोक नृत्यों का उत्सव

  • 17 जनवरी, 2026 को गुवाहाटी में 10,000 से अधिक बोडो कलाकारों ने बागुरुम्बा नृत्य का सबसे बड़ा सिंक्रनाइज़्ड प्रदर्शन करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया.
  • मिजोरम का चेराव, जिसे "बांस नृत्य" भी कहा जाता है, चलती बांस की डंडियों के बीच तालबद्ध कदमों से एकता और लय का प्रतीक है.
  • मणिपुर का थांग-टा एक मार्शल नृत्य है जो तलवार और भाले के साथ वीरता और अनुशासन को प्रदर्शित करता है, जिसकी जड़ें मेइतेई परंपराओं में हैं.
  • ओडिशा का गोटीपुआ, ओडिसी नृत्य का अग्रदूत, युवा लड़कों द्वारा महिलाओं के वेश में किया जाता है, जिसमें कलाबाजी और भक्तिपूर्ण प्रदर्शन होते हैं.
  • अन्य प्रमुख नृत्यों में ओडिशा का मार्शल पाइका, तमिलनाडु का सामूहिक कुम्मी, त्रिपुरा का संतुलन-उन्मुख होजागिरी, झारखंड/ओडिशा/पश्चिम बंगाल का मुखौटाधारी छऊ और महाराष्ट्र का अभिव्यंजक लावणी शामिल हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के विविध लोक नृत्य, बागुरुम्बा से लावणी तक, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें व्यापक पहचान मिलनी चाहिए.

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