पहाड़ों के पुराने तरीके: बिना डिटर्जेंट बर्तनों को चमकाने के रहस्य आज भी कायम

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News18•19-01-2026, 18:44
पहाड़ों के पुराने तरीके: बिना डिटर्जेंट बर्तनों को चमकाने के रहस्य आज भी कायम
- •पहाड़ों में चूल्हे की लकड़ी की राख का उपयोग सदियों से बर्तनों को साफ करने के लिए किया जाता है, यह चिकनाई हटाती है और लोहे के बर्तनों को चमकाती है.
- •पीतल के बर्तनों को चमकाने के लिए बड़े पहाड़ी नींबू (चुक) और मोटे नमक का उपयोग किया जाता है, जिससे वे सोने जैसे चमकते हैं.
- •तांबे के बर्तनों को काला होने से बचाने और गुलाबी चमक देने के लिए खट्टी छाछ या इमली का प्रयोग किया जाता है.
- •चांदी और एल्यूमीनियम के बर्तनों को साफ करने के लिए बारीक नदी की रेत और राख का मिश्रण उपयोग होता है, जो दाग हटाकर सफेदी देता है.
- •भीम्मल के पेड़ की छाल से प्राकृतिक झाग, अखरोट के कठोर खोल से स्क्रबर और चुलू तेल से जंग से बचाव भी पारंपरिक तरीके हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पहाड़ी समुदाय आज भी राख, नींबू और छाछ जैसे प्राकृतिक तरीकों से बर्तनों को प्रभावी ढंग से साफ करते हैं.
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