फ्योली फूल के आठ बड़े फायदे 
बागेश्वर
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News1823-01-2026, 20:18

फ्योंली: दर्द, लकवा और त्वचा रोगों में कारगर पहाड़ का अनोखा फूल, जानें 8 फायदे

  • उत्तराखंड के बागेश्वर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाने वाली फ्योंली का उपयोग त्वचा रोगों के इलाज में सदियों से हो रहा है; इसकी पत्तियों का लेप एक्जिमा, खुजली और एलर्जी में प्रभावी है.
  • उत्तराखंड के कई गांवों में फ्योंली के फूलों की पंखुड़ियों का लेप घावों पर लगाया जाता है, जिससे घाव जल्दी भरते हैं और संक्रमण का खतरा कम होता है.
  • फ्योंली में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द, मोच और मांसपेशियों में खिंचाव को कम करने में मदद करते हैं, इसे बाहरी रूप से लगाने पर प्राकृतिक दर्द निवारक का काम करता है.
  • पारंपरिक चिकित्सा में फ्योंली को लकवा जैसी गंभीर समस्याओं में तंत्रिकाओं को सक्रिय करने में सहायक माना जाता है; इसके लेप से मालिश रक्त संचार सुधारती है.
  • फ्योंली एक प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर और डिटॉक्सिफायर भी है; इसके फूलों या पत्तियों का काढ़ा सर्दी, खांसी से बचाता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पहाड़ी फूल फ्योंली त्वचा रोगों, दर्द, लकवा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में एक प्रभावी औषधि है.

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