ओडिशा बना भारत की हैंडलूम राजधानी: पारंपरिक बुनाई का प्रमुख केंद्र

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News18•27-01-2026, 15:17
ओडिशा बना भारत की हैंडलूम राजधानी: पारंपरिक बुनाई का प्रमुख केंद्र
- •ओडिशा को भारत की राष्ट्रीय हैंडलूम राजधानी के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो अपनी विविध और जीवंत हैंडलूम परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है.
- •यह राज्य अपनी पारंपरिक इकत बुनाई के लिए जाना जाता है, जिसे स्थानीय रूप से बंधा कहा जाता है, जो कुशल बुनकरों के एक बड़े समुदाय द्वारा निर्मित है.
- •ओडिशा के प्रसिद्ध कपड़ों में संबलपुरी, बोमकाई, खंडुआ और कोटपाड शामिल हैं, जो अपने चमकीले रंगों, जटिल डिजाइनों और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाने जाते हैं.
- •ओडिशा का हैंडलूम क्षेत्र सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने, ग्रामीण आजीविका का समर्थन करने और महिला बुनकरों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
- •ये अद्वितीय कपड़े, जो अक्सर प्रकृति, पौराणिक कथाओं और आदिवासी कला को दर्शाते हैं, ओडिशा और उसकी सदियों पुरानी शिल्प कौशल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ओडिशा भारत की हैंडलूम राजधानी है, जो अपनी समृद्ध बुनाई परंपराओं को संरक्षित करता है और अपने अद्वितीय कपड़ों के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाता है.
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