पोंगल के दो प्रकार, पारंपरिक व्यंजन और महत्व: जानें पूरी जानकारी.

जीवनशैली
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News18•11-01-2026, 20:31
पोंगल के दो प्रकार, पारंपरिक व्यंजन और महत्व: जानें पूरी जानकारी.
- •पोंगल दक्षिण भारत का एक प्रमुख फसल उत्सव है, खासकर तमिलनाडु में, जो सूर्य देव और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है.
- •उत्सव का पारंपरिक व्यंजन 'पोंगल' ही त्योहार को उसका नाम देता है और इसके पालन के लिए महत्वपूर्ण है.
- •यह व्यंजन चावल और मूंग दाल से बनता है, जिसे खुले बर्तन में तब तक पकाया जाता है जब तक वह उबल न जाए, जो समृद्धि का प्रतीक है.
- •दो मुख्य प्रकार हैं: सक्कराई पोंगल (गुड़, दूध, चावल, मूंग दाल से बना मीठा, प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है) और वेन पोंगल (घी, काली मिर्च, जीरा, अदरक, करी पत्ते से बना नमकीन, चटनी और सांभर के साथ परोसा जाता है).
- •आंगन में पोंगल तैयार करना पारिवारिक संबंधों को मजबूत करता है और नई फसल के लिए कृतज्ञता दर्शाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पोंगल, दक्षिण भारत का फसल उत्सव, कृतज्ञता का प्रतीक है, जिसमें मीठा सक्कराई और नमकीन वेन पोंगल जैसे पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं.
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