टणका: राजस्थानी महिलाओं का सदियों पुराना आभूषण, आज भी कायम है परंपरा.

जीवनशैली
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News18•22-12-2025, 09:06
टणका: राजस्थानी महिलाओं का सदियों पुराना आभूषण, आज भी कायम है परंपरा.
- •टणका राजस्थानी महिलाओं का पारंपरिक चांदी का आभूषण है, जो सुंदरता, परंपरा और लोक संस्कृति का प्रतीक है, इसे पांवों में पहना जाता है.
- •इसमें अक्सर घुंघरू होते हैं जो मधुर ध्वनि उत्पन्न करते हैं, यह राजस्थानी लोक जीवनशैली का अभिन्न अंग है.
- •टणका केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि सौभाग्य और सुहाग का प्रतीक है, जो गणगौर और तीज जैसे त्योहारों पर शुभ माना जाता है.
- •घूमर और कालबेलिया जैसे लोक नृत्यों में इसकी झंकार नृत्य की लय को और जीवंत बनाती है.
- •आधुनिक युग में भी डिजाइनर इसे नए रूपों में प्रस्तुत कर रहे हैं, जो राजस्थान की समृद्ध विरासत को जीवित रखता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: टणका राजस्थानी संस्कृति का एक जीवंत प्रतीक है, जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम है.
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