बांसवाड़ा: राजस्थान का 'बांस का शहर' और उसकी विरासत.

जीवनशैली
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News18•07-01-2026, 22:15
बांसवाड़ा: राजस्थान का 'बांस का शहर' और उसकी विरासत.
- •दक्षिणी राजस्थान में स्थित बांसवाड़ा को ऐतिहासिक रूप से प्रचुर बांस के जंगलों के कारण 'बांस का शहर' के नाम से जाना जाता है.
- •शहर का नाम "बांस" (bamboo) और "वाड़ा" (land/region) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है "बांस की भूमि".
- •बांसवाड़ा में बांस स्थानीय आजीविका, शिल्प कौशल, पारंपरिक आवास और ग्रामीण उद्योगों के लिए सदियों से अभिन्न रहा है.
- •स्थानीय समुदाय पारंपरिक रूप से बांस का उपयोग औजारों, घरेलू सामानों, शिल्पों, बाड़ लगाने, भंडारण और ग्रामीण निर्माण गतिविधियों के लिए करते थे.
- •व्यावहारिक उपयोगों से परे, बांस का महत्वपूर्ण सांस्कृतिक महत्व है, जो स्थानीय रीति-रिवाजों, त्योहारों और सामुदायिक परंपराओं में प्रमुखता से शामिल है, स्वदेशी ज्ञान को संरक्षित करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बांसवाड़ा की 'बांस का शहर' के रूप में पहचान उसकी समृद्ध बांस विरासत से आती है, जो स्थानीय जीवन और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है.
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