जलकुंभी।
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News1816-02-2026, 15:09

जलकुंभी: तालाब की घास नहीं, सेहत का खजाना है - थायराइड, बीपी और अस्थमा में भी फायदेमंद.

  • जलकुंभी, जिसे अक्सर खरपतवार माना जाता है, आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए रामबाण मानी जाती है.
  • कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर, यह हाई बीपी के मरीजों और बच्चों में आंतों के कीड़ों के लिए फायदेमंद है.
  • उबली हुई जलकुंभी को काले नमक के साथ सेवन करने से थायराइड की समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
  • विटामिन सी और एंटी-कैंसर गुणों से भरपूर, यह अस्थमा के रोगियों की मदद करती है और कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोक सकती है.
  • इसमें एंटीफंगल, जीवाणुरोधी और एंटी-एजिंग तत्व होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं और खांसी, जुकाम और बुखार में मदद करते हैं.

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