महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा अधिक: सीने में दर्द ही नहीं, जानें दिल की 5 अहम बातें.

समाचार
N
News18•29-01-2026, 08:12
महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा अधिक: सीने में दर्द ही नहीं, जानें दिल की 5 अहम बातें.
- •महिलाओं में हृदय रोग का खतरा अधिक और अक्सर खामोश होता है, जिसके कारणों में उच्च रक्तचाप या कोलेस्ट्रॉल के अलावा PCOS, गर्भावस्था संबंधी जटिलताएँ, ऑटोइम्यून बीमारियाँ और समय से पहले मेनोपॉज शामिल हैं.
- •एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं के दिल की रक्षा करता है; मेनोपॉज के बाद इसका स्तर घटने से रक्त वाहिकाएँ सख्त हो जाती हैं और कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे 50 साल की उम्र के बाद हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
- •महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से भिन्न होते हैं, अक्सर गंभीर सीने में दर्द के बजाय थकान, साँस फूलना, मतली या पीठ/जबड़े में दर्द के रूप में प्रकट होते हैं, जिससे गलत निदान हो सकता है.
- •महिलाओं में छोटी रक्त वाहिकाओं का रोग (माइक्रोवास्कुलर रोग) अधिक आम है, जो पारंपरिक एंजियोग्राफी में स्पष्ट नहीं हो सकता है, इसलिए लक्षणों को गंभीरता से लेना महत्वपूर्ण है.
- •MRI और PET स्कैन जैसे उन्नत निदान महिलाओं में छिपे हुए हृदय रोग का पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, और डॉ. संतोष गुप्ता हृदय स्वास्थ्य के लिए नियमित जाँच, आहार, व्यायाम और तनाव प्रबंधन पर जोर देते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: महिलाओं में पुरुषों की तुलना में हार्ट अटैक का खतरा अधिक, लक्षण भिन्न और कारण भी अलग होते हैं.
✦
More like this
Loading more articles...





