क्या चुप रहने वाली महिलाओं को थायरॉइड का खतरा ज़्यादा? डॉक्टरों ने बताया चौंकाने वाला सच!

जीवनशैली
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News18•30-01-2026, 11:11
क्या चुप रहने वाली महिलाओं को थायरॉइड का खतरा ज़्यादा? डॉक्टरों ने बताया चौंकाने वाला सच!
- •नाशिक की डॉ. माही चौहान (होम्योपैथी) के अनुसार, महिलाओं में थायरॉइड की समस्या बढ़ने का एक कारण भावनाओं को दबाना है, जो रिश्तों या परिवार के लिए चुप रहने से होता है.
- •जब भावनाएं दब जाती हैं, तो यह गले के पास स्थित थायरॉइड ग्रंथि पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिससे इसका कार्य बाधित होता है.
- •लगातार तनाव से शरीर में 'कॉर्टिसोल' जैसे हार्मोन बढ़ते हैं, जो थायरॉइड ग्रंथि को या तो बहुत धीमा या अत्यधिक सक्रिय कर सकते हैं.
- •थायरॉइड के लक्षणों में अचानक वजन बढ़ना, अत्यधिक थकान, मूड स्विंग्स और बालों का झड़ना शामिल हैं, जो दबी हुई भावनाओं से भी जुड़े हो सकते हैं.
- •खुद को बचाने के लिए खुलकर बात करना, शौक पूरे करना, योग-ध्यान (उज्जायी प्राणायाम, भ्रामरी) करना और विशेषज्ञ की मदद लेना महत्वपूर्ण है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: महिलाओं में दबी हुई भावनाएं और चुप रहने की आदत थायरॉइड की समस्या का एक प्रमुख कारण हो सकती है.
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