बंगाल में रेलवे क्रांति: केंद्र का बुनियादी ढांचा मजबूत, लेकिन राज्य की बाधाएं बरकरार
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News1814-01-2026, 09:41

बंगाल में रेलवे क्रांति: केंद्र का बुनियादी ढांचा मजबूत, लेकिन राज्य की बाधाएं बरकरार

  • भारतीय रेलवे ने पश्चिम बंगाल के लिए अपना वार्षिक बजट आवंटन काफी बढ़ा दिया है, 2014 के बाद इसे तिगुना कर ₹13,955 करोड़ कर दिया है, जिसमें ₹87,862 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं.
  • 2014 से, पश्चिम बंगाल में 1,362 किमी नई रेलवे लाइनें बनाई गई हैं, जिनमें मंदार हिल-रामपुरहाट लाइन और बांग्लादेश कनेक्टिविटी के लिए हल्दीबाड़ी अंतर्राष्ट्रीय सीमा लाइन शामिल हैं.
  • दोहरीकरण और तीसरी लाइनों (जैसे रामपुरहाट-मुरारई, पानस्कुरा-खड़गपुर) और गेज रूपांतरण (जैसे बर्दवान-कटवा) जैसी व्यापक क्षमता वृद्धि परियोजनाओं ने दक्षता और कनेक्टिविटी में सुधार किया है.
  • अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, पश्चिम बंगाल में 101 स्टेशनों का ₹3,600 करोड़ के आवंटन के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें पानागढ़, जॉयचंडी पहाड़ और कल्याणी घोषपारा का उद्घाटन हो चुका है.
  • केंद्रीय निवेश के बावजूद, पश्चिम बंगाल में कई प्रमुख रेलवे परियोजनाएं राज्य-स्तरीय भूमि अधिग्रहण और समन्वय मुद्दों के कारण रुकी हुई हैं, जिससे राज्य की विकास क्षमता बाधित हो रही है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: केंद्रीय निवेश पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण रेलवे विकास को बढ़ावा देता है, लेकिन राज्य-स्तरीय मुद्दे प्रगति में बाधा डालते हैं.

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