দিঘা জগন্নাথ মন্দিরের নীলাচক্র 
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News1821-02-2026, 06:01

दीघा जगन्नाथ मंदिर का नीलाचक्र: रहस्यमय अष्टधातु चक्र के पीछे का विज्ञान और आस्था.

  • दीघा जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर स्थित नीलाचक्र केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व रखता है.
  • यह आठ धातुओं (अष्टधातु चक्र) - लोहा, तांबा, जस्ता, पारा, सीसा, टिन, चांदी और सोना से बना है, जिसमें आठ तीलियों और 'नवगुंजरा' आकृतियों के साथ एक अनूठी संरचना है.
  • भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का प्रतीक, इसे अत्यधिक पवित्र माना जाता है, जिसका रंग दिन भर सूर्य के प्रकाश के साथ सफेद से गहरा नीला और बैंगनी में बदलता है.
  • मान्यताओं में मंदिर के ध्वज का हवा के विपरीत दिशा में फहराना और नीलाचक्र का मंदिर को बिजली से बचाना, उसकी संरचनात्मक मजबूती बनाए रखना शामिल है.
  • दैनिक अनुष्ठानों में ध्वज बदलना और हर एकादशी की रात नीलाचक्र को महादीप अर्पित करना शामिल है.

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