पूर्वी बर्दवान के गांव में अनोखा भोज: घरों में नहीं पकता खाना, सब मिलकर खेतों में खाते हैं

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News18•27-01-2026, 19:00
पूर्वी बर्दवान के गांव में अनोखा भोज: घरों में नहीं पकता खाना, सब मिलकर खेतों में खाते हैं
- •पूर्वी बर्दवान के बेंदुआ गांव में एक अनोखी परंपरा है जहां एक खास दिन किसी भी घर में खाना नहीं पकता है.
- •इसके बजाय, ग्रामीण खेतों में एक भव्य सामुदायिक भोज के लिए इकट्ठा होते हैं, जहां सामूहिक रूप से खाना पकाया जाता है.
- •वसंत पंचमी के बाद आने वाले मंगलवार को सालाना मनाया जाने वाला यह त्योहार देवी मनसा या ब्रह्मा पूजा से जुड़ा है.
- •दूर-दूर से रिश्तेदार इस उत्सव में शामिल होते हैं, जिससे ग्रामीणों के बीच एकता, खुशी और परंपरा को बढ़ावा मिलता है.
- •मछली, सब्जियां और कुल दाल जैसे पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं, देवताओं को चढ़ाए जाते हैं और फिर सभी द्वारा साझा किए जाते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पूर्वी बर्दवान का बेंदुआ गांव खेतों में सामुदायिक खाना पकाने और दावत की एक अनूठी परंपरा को बरकरार रखता है.
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