गरुड़ पुराण: मृत्यु से पहले तय होता है अगला जन्म, जानें 5 अनकहे रहस्य

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News18•25-01-2026, 19:00
गरुड़ पुराण: मृत्यु से पहले तय होता है अगला जन्म, जानें 5 अनकहे रहस्य
- •गरुड़ पुराण मृत्यु, परलोक यात्रा और पुनर्जन्म का विस्तृत वर्णन करता है, जिसमें बताया गया है कि व्यक्ति का अगला जन्म मृत्यु के समय के विचारों और जीवन भर के कर्मों से निर्धारित होता है.
- •यमलोक में चित्रगुप्त व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब रखते हैं; अच्छे कर्म स्वर्ग या उच्च योनि में ले जाते हैं, जबकि बुरे कर्म नरक या निम्न योनि का कारण बनते हैं.
- •मृत्यु के अंतिम क्षण के विचार महत्वपूर्ण हैं: भगवान को याद करने से मोक्ष मिलता है, जबकि सांसारिक मोह-माया में उलझे रहने से आत्मा उसी बंधन में पुनर्जन्म लेती है.
- •84 लाख योनियों के चक्र में मनुष्य जन्म को सर्वोच्च माना गया है; तर्कहीन कर्मों से व्यक्ति हजारों वर्षों तक पशु, कीट या पौधे के रूप में जन्म ले सकता है.
- •पुनर्जन्म आमतौर पर मृत्यु के 3 से 40 दिनों के भीतर होता है, जिसमें पिंडदान और श्राद्ध आत्मा को नया शरीर धारण करने के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं. अकाल मृत्यु होने पर आत्माएं 'प्रेत योनि' में भटकती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गरुड़ पुराण के अनुसार, पुनर्जन्म जीवन के कर्मों और मृत्यु के समय के विचारों से निर्धारित होता है.
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