ट्रेन में धातु होने पर भी यात्रियों को करंट क्यों नहीं लगता? जानें इसके पीछे का विज्ञान.

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News18•08-01-2026, 22:06
ट्रेन में धातु होने पर भी यात्रियों को करंट क्यों नहीं लगता? जानें इसके पीछे का विज्ञान.
- •फैराडे केज का नियम: बिजली धातु की बाहरी सतह से बहती है, जिससे अंदर बैठे यात्री सुरक्षित रहते हैं.
- •मजबूत अर्थिंग सिस्टम: ओवरहेड वायर से करंट पहियों के माध्यम से सीधे जमीन से जुड़ी पटरियों में चला जाता है.
- •इंसुलेशन और पेंटोग्राफ डिजाइन: पेंटोग्राफ और ट्रेन बॉडी के बीच इंसुलेटर करंट को इंजन के ट्रांसफार्मर तक पहुंचाते हैं.
- •चेतावनी: ट्रेन की छत पर चढ़ना या लोहे की छड़ें बाहर निकालना 25,000 वोल्ट के कारण जानलेवा हो सकता है.
- •सुरक्षित डिजाइन और फैराडे केज सिद्धांत हजारों वोल्ट बिजली के बावजूद ट्रेन यात्रा को सुरक्षित बनाते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: फैराडे केज, अर्थिंग और इंसुलेशन ट्रेन में यात्रियों को उच्च वोल्टेज से सुरक्षित रखते हैं.
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