
अन्य प्राकृतिक पेय जो ठंडक पहुँचाते हैं उनमें सत्तू का पानी, गुड़हल के फूल की चाय, खस की जड़ का शरबत, नींबू का रस, तरबूज का रस, छाछ शामिल हैं।
बेल के जूस का नियमित सेवन पेट को साफ रखकर और पाचन प्रक्रिया में सुधार करके पाचन तंत्र को मजबूत करता है। यह गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मधुमेह रोगियों के लिए बेल का जूस सुरक्षित या फायदेमंद होने का कोई उल्लेख नहीं है।