
दिनेश प्रजापति (बोबरिया) ने अपने परिवार की 700 साल पुरानी हाथ से टिकाऊ और सुंदर कालीन बुनने की विरासत के ज़रिए सालावास कालीनों को विश्वभर में पहचान दिलाई।
सालावास के हस्तनिर्मित कालीन कपास, ऊन और जूट जैसी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करके बनाए जाते हैं।
विदेशी पर्यटक सालावास गांव में कालीन बुनाई सीख रहे हैं क्योंकि वे हाथ से बुनी कालीनों की मजबूती और 700 साल पुरानी पारंपरिक बुनाई प्रक्रिया से आकर्षित हैं।