सिंधु जल विवाद पर भारत ने अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का अधिकार क्षेत्र नकारा, पाक की चाल विफल

पाकिस्तान
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News18•03-02-2026, 18:14
सिंधु जल विवाद पर भारत ने अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का अधिकार क्षेत्र नकारा, पाक की चाल विफल
- •भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबित करने के बाद पाकिस्तान ने भारत की पनबिजली परियोजनाओं (बगलिहार और किशनगंगा) को लेकर हेग में मध्यस्थता न्यायालय का रुख किया.
- •न्यायालय ने भारत से परियोजनाओं का परिचालन डेटा साझा करने को कहा, लेकिन भारत ने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि वह न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता है.
- •भारत न्यायालय के आदेशों को अवैध और शून्य मानता है, यह तर्क देते हुए कि यदि सिंधु जल संधि निलंबित है, तो इससे संबंधित कोई भी मध्यस्थता निकाय अप्रभावी हो जाता है.
- •भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम, जम्मू और कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों से जुड़े एक आतंकवादी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था.
- •विश्व बैंक की मध्यस्थता से 1960 की सिंधु जल संधि ने पूर्वी नदियों को भारत को और पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) को मुख्य रूप से पाकिस्तान को आवंटित किया था, जिसमें भारत को पश्चिमी नदियों पर सीमित गैर-उपभोक्ता उपयोग की अनुमति थी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत ने सिंधु जल पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को खारिज किया, संधि को आतंकवाद से जोड़ा.
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