भारत ने सिंधु जल मामले पर हेग मध्यस्थता को नकारा, संप्रभुता और आतंकवाद का हवाला दिया.

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News18•03-02-2026, 00:31
भारत ने सिंधु जल मामले पर हेग मध्यस्थता को नकारा, संप्रभुता और आतंकवाद का हवाला दिया.
- •भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) विवाद के संबंध में हेग में स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (PCA) के अधिकार को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है, इसे "अवैध रूप से गठित" न्यायाधिकरण बताया है.
- •नई दिल्ली PCA के हालिया निर्देशों, जिसमें जम्मू और कश्मीर में किशनगंगा और रातले जलविद्युत परियोजनाओं से परिचालन डेटा के लिए "पूरक पुरस्कार" और समन शामिल हैं, को "शून्य" और गैर-बाध्यकारी मानती है.
- •विदेश मंत्रालय (MEA) ने न्यायाधिकरण को सूचित किया है कि भारत आदेशों का पालन नहीं करेगा या कार्यवाही में भाग नहीं लेगा, यह तर्क देते हुए कि पाकिस्तान की समानांतर मध्यस्थता संधि के विवाद समाधान ढांचे का उल्लंघन करती है.
- •भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद IWT को स्थगित कर दिया है, जल सहयोग को राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद से जोड़ा है.
- •नई दिल्ली का कहना है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय निकाय भारत के संप्रभु कार्यों पर अधिकार क्षेत्र नहीं रखता है, खासकर जब संधि सुरक्षा उकसावों के कारण निलंबित है, पाकिस्तान की मध्यस्थता को "ढोंग" बताते हुए खारिज कर दिया है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत ने संप्रभुता का दावा किया, हेग की सिंधु जल संधि मध्यस्थता को राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से जोड़कर खारिज किया.
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