इलाहाबाद हाईकोर्ट: गिरफ्तारी के आधार का खुलासा न करना कर्तव्य की उपेक्षा, दोषी पुलिसकर्मी निलंबित होंगे.

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News18•24-01-2026, 22:15
इलाहाबाद हाईकोर्ट: गिरफ्तारी के आधार का खुलासा न करना कर्तव्य की उपेक्षा, दोषी पुलिसकर्मी निलंबित होंगे.
- •इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि गिरफ्तारी मेमो में गिरफ्तारी के विशिष्ट आधारों का खुलासा न करना कर्तव्य की उपेक्षा है.
- •अदालत ने उत्तर प्रदेश के उन पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है जो इस आवश्यकता का पालन करने में विफल रहते हैं.
- •न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और जय कृष्ण उपाध्याय ने उमंग रस्तोगी और एक अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी और रिमांड को अवैध घोषित करते हुए उनकी रिहाई का आदेश दिया.
- •यह फैसला संवैधानिक जनादेश (संविधान के अनुच्छेद 22(1)) और भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47, 48 का उल्लंघन करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर जोर देता है.
- •अदालत ने पाया कि जांच अधिकारी ने सही प्रोफार्मा का उपयोग किया था लेकिन गिरफ्तारी के आधार वाले कॉलम को ठीक से भरने में विफल रहा, जिससे पारदर्शिता बाधित हुई.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के आधार का खुलासा न करने पर यूपी पुलिसकर्मियों के निलंबन का आदेश दिया.
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