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News1802-03-2026, 19:30

10 साल बाद जनकपुरी हत्याकांड: दिल्ली कोर्ट ने 3 आरोपियों को बरी किया.

  • दिल्ली की एक अदालत ने 2015 के जनकपुरी हत्याकांड में दीपक निर्माण, मोहम्मद नईम और शरीफ सैफी को बरी कर दिया है, अभियोजन पक्ष के मामले में सामग्री विसंगतियों का हवाला दिया गया है.
  • अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष सुरेंद्र सिंह की हत्या से आरोपियों को जोड़ने वाली सबूतों की एक पूरी श्रृंखला स्थापित करने में विफल रहा.
  • मुख्य गवाहों, कुलदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह ने अविश्वसनीय और विरोधाभासी गवाही दी, गुरप्रीत सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि आरोपी इसमें शामिल नहीं थे.
  • पुलिस की असंगत गवाहियों और पुष्टि की कमी के कारण कथित हत्या के हथियार और मोटरसाइकिल की बरामदगी संदिग्ध मानी गई.
  • अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष कम से कम पांच आरोपियों की पहचान नहीं कर सका, जिससे गैरकानूनी सभा के आरोपों की आवश्यकता पूरी नहीं हुई.

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