प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण दिल्ली कोर्ट ने बाल शोषण मामले में दोषसिद्धि रद्द की.
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दिल्ली कोर्ट ने प्रक्रियात्मक चूक पर बाल शोषण मामले में सजा रद्द की.
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News18•16-03-2026, 20:00
दिल्ली कोर्ट ने प्रक्रियात्मक चूक पर बाल शोषण मामले में सजा रद्द की.
•दिल्ली कोर्ट ने प्रक्रियात्मक चूक के कारण एक स्कूल वैन चालक की बाल शोषण मामले में सजा रद्द कर दी है.
•अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिषेक गोयल ने पाया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) पायल सिंह ने CrPC की धारा 325 के तहत 'दोषी राय' के बजाय 'दोषसिद्धि का फैसला' सुनाया था.
•मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) हर्षिता मिश्रा ने JMFC के त्रुटिपूर्ण फैसले के आधार पर सजा सुनाने में गलती की, जबकि उन्हें नए सिरे से मूल्यांकन करना चाहिए था.
•पांच साल की कठोर कारावास और 5,000 रुपये का जुर्माना कानून में टिकाऊ नहीं माना गया और इसे रद्द कर दिया गया.
•मामले को CJM को नए सिरे से सुनवाई के लिए भेजा गया है, जिसमें गवाहों को फिर से बुलाने या नए सबूत लेने की संभावना है; आरोपी को 25 मार्च को पेश होना है.