सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए जातिगत भेदभाव नियमों पर लगाई रोक, 'व्यापक परिणामों' का हवाला दिया.

एजेंसी फ़ीड
N
News18•29-01-2026, 17:15
सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए जातिगत भेदभाव नियमों पर लगाई रोक, 'व्यापक परिणामों' का हवाला दिया.
- •सुप्रीम कोर्ट ने UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) विनियम, 2026 पर रोक लगा दी है, इसे "प्रथम दृष्टया अस्पष्ट" और संभावित रूप से समाज को बांटने वाला बताया है.
- •अदालत ने चिंता व्यक्त की कि नए नियमों के "बहुत व्यापक परिणाम" हो सकते हैं और समाज को विभाजित करके "खतरनाक प्रभाव" डाल सकते हैं.
- •एक प्रमुख मुद्दा विनियमन 3(1)(c) है, जो जाति-आधारित भेदभाव को केवल SC, ST और OBC के खिलाफ परिभाषित करता है, सामान्य श्रेणियों को संस्थागत सुरक्षा से बाहर रखता है.
- •मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने भेदभाव के लिए छात्रों को उपचार सुनिश्चित करने के लिए UGC विनियम, 2012 को पुनर्जीवित किया.
- •अदालत ने नए नियमों से रैगिंग को बाहर करने पर भी सवाल उठाया और विशेषज्ञों की एक समिति को ढांचे पर फिर से विचार करने का सुझाव दिया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए जातिगत भेदभाव नियमों पर रोक लगाई, अस्पष्टता और सामाजिक विभाजन की आशंका जताई.
✦
More like this
Loading more articles...




