दिल्ली हाई कोर्ट: हाइपरटेंशन को 'लाइफस्टाइल डिसऑर्डर' बताकर पेंशन से इनकार नहीं

भारत
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CNBC TV18•22-01-2026, 14:00
दिल्ली हाई कोर्ट: हाइपरटेंशन को 'लाइफस्टाइल डिसऑर्डर' बताकर पेंशन से इनकार नहीं
- •दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि प्राथमिक हाइपरटेंशन को केवल 'लाइफस्टाइल डिसऑर्डर' कहना एक सेवानिवृत्त भारतीय वायु सेना (IAF) अधिकारी को विकलांगता पेंशन से इनकार करने के लिए पर्याप्त नहीं है.
- •न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव और मनमीत पी एस अरोड़ा ने कहा कि मेडिकल बोर्ड को व्यक्तिगत जीवनशैली पर विचार करते हुए अपने निष्कर्षों के लिए विशिष्ट कारण बताने होंगे.
- •कोर्ट ने केंद्र की चुनौती को खारिज कर दिया और सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के फैसले को बरकरार रखा कि अधिकारी हाइपरटेंशन के लिए विकलांगता पेंशन का हकदार है.
- •फैसले में इस बात पर जोर दिया गया कि मेडिकल बोर्ड यह बताने में विफल रहा कि अधिकारी का हाइपरटेंशन सैन्य सेवा से संबंधित क्यों नहीं था या इसे 'लाइफस्टाइल डिसऑर्डर' क्यों माना गया.
- •अधिकारी अक्टूबर 1981 में IAF में शामिल हुए थे और मार्च 2019 में 37 साल से अधिक की सेवा के बाद बिना किसी पूर्व-मौजूदा विकलांगता के सेवानिवृत्त हुए थे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिल्ली हाई कोर्ट ने 'लाइफस्टाइल डिसऑर्डर' के आधार पर विकलांगता पेंशन से इनकार करने के लिए विस्तृत कारणों को अनिवार्य किया.
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