जेनेलिया डिसूजा ने बताया मांसाहार छोड़ने और शाकाहारी बनने का सफर.

जीवनशैली
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News18•04-01-2026, 09:27
जेनेलिया डिसूजा ने बताया मांसाहार छोड़ने और शाकाहारी बनने का सफर.
- •जेनेलिया डिसूजा ने 1 जनवरी, 2017 को मांसाहार छोड़ दिया था, शुरुआत में यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारणों से था, न कि नैतिक कारणों से.
- •मातृत्व ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उनकी करुणा गहरी हुई और वे अपने भोजन विकल्पों के प्रति अधिक जागरूक हुईं.
- •उनका पूर्ण शाकाहारी परिवर्तन 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान हुआ, जिसमें उनके पति रितेश देशमुख का प्रभाव था, जिन्होंने 2016 में मांसाहार छोड़ दिया था.
- •दंपति ने पशु उत्पादों को पूरी तरह से खत्म करने का प्रयोग किया, यह महसूस करते हुए कि थोड़ी मात्रा में डेयरी भी भारी लगती थी, जिससे यह बदलाव स्वाभाविक लगा.
- •जेनेलिया शाकाहार को एक सचेत, दयालु जीवनशैली मानती हैं जो जागरूकता और निरंतर सीखने पर केंद्रित है, न कि कठोर नियमों पर.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जेनेलिया डिसूजा का शाकाहारी सफर स्वास्थ्य से करुणा तक, मातृत्व और महामारी से प्रभावित रहा है.
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