The trend is influenced by culinary tweaks and economic changes.
जीवनशैली
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News1826-01-2026, 13:37

देसी भारतीय व्यंजन फिर से चलन में: सौंदर्य से परे प्रामाणिकता की ओर बढ़ रहे लोग

  • भारतीय उपभोक्ता अब दिखने में आकर्षक भोजन के बजाय प्रामाणिक, देसी व्यंजनों की ओर बढ़ रहे हैं, पोषण मूल्य को सौंदर्यशास्त्र से ऊपर रख रहे हैं.
  • "भद्दे भोजन" की वापसी में पारंपरिक सब्जियां, गाढ़ी ग्रेवी और पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं, जो जड़ों से जुड़े भोजन विकल्पों की इच्छा को दर्शाते हैं.
  • बिहार का लिट्टी-चोखा, राजस्थान की बाजरे की रोटी और दक्षिण भारतीय व्यंजन जैसे इडली, डोसा, वड़ा लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं, जो क्षेत्रीय परंपराओं को दर्शाते हैं.
  • फूड व्लॉगर्स, शेफ और सोशल मीडिया पैतृक अनाजों और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे यह चलन बढ़ रहा है.
  • देसी भोजन की ओर यह बदलाव एक दशक से चल रहा है, जिसे COVID-19 महामारी ने तेज किया है, जिसमें स्वास्थ्य, मौसमी और स्थानीय उत्पादों पर जोर दिया गया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारतीय देसी, प्रामाणिक व्यंजनों को अपना रहे हैं, सौंदर्यशास्त्र से परे पोषण, परंपरा और स्थानीय सोर्सिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं.

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